प्रवेश वाही बने बीजेपी के मेयर प्रत्याशी जानिए उनकी राजनीतिक कहानी

दिल्ली में मेयर चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय से चला आ रहा सस्पेंस खत्म कर दिया है। पार्टी ने महापौर पद के लिए प्रवेश वाही और उप-महापौर पद के लिए मोनिका पंत के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही नगर निगम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बीजेपी की इस सूची को आगामी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी और संगठन से जुड़े नेताओं को मैदान में उतारकर जीत की संभावनाओं को मजबूत किया जा सकता है।
प्रवेश वाही का राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
महापौर पद के उम्मीदवार प्रवेश वाही का राजनीतिक सफर काफी लंबा और अनुभव से भरा रहा है। वे वर्ष 2007 से 2012 तक पार्षद रह चुके हैं और 2022 में तीसरी बार पार्षद बने हैं। उनकी पहचान एक जमीनी और संगठनात्मक नेता के रूप में होती है। खास बात यह है कि उनके परिवार की पृष्ठभूमि भी काफी दिलचस्प है। बताया जाता है कि उनके पिता पाकिस्तान से भारत आए थे और पहले कश्मीर में बसने के बाद बाद में दिल्ली आ गए थे। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक अनुभव ने प्रवेश वाही को पार्टी में एक मजबूत चेहरा बनाया है जिसे बीजेपी ने अब मेयर पद के लिए आगे बढ़ाया है।

नामांकन प्रक्रिया और चुनावी तैयारी तेज
दिल्ली नगर निगम में महापौर उप-महापौर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बृहस्पतिवार तय की गई है और 29 अप्रैल को चुनाव होना है। बीजेपी द्वारा प्रत्याशियों के चयन के लिए प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने की। इस बैठक में संगठनात्मक रणनीति और उम्मीदवारों के चयन पर विस्तृत चर्चा की गई। पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह इस बार पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने जा रही है और सभी पदों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखती है।
विपक्ष की रणनीति और चुनाव को लेकर बढ़ता मुकाबला
इस बार का मेयर चुनाव बेहद दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि विपक्षी आम आदमी पार्टी ने भी इस चुनाव में पूरी ताकत से उतरने का फैसला किया है। आप पार्टी ने भी महापौर उप-महापौर और स्थायी समिति के चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर ली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार 23 अप्रैल को नामांकन के अंतिम दिन उनके उम्मीदवार भी आधिकारिक रूप से नामांकन दाखिल करेंगे। इससे चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक और कड़ा होने की संभावना है। अब सभी की नजरें 29 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं जहां दिल्ली की नगर निगम राजनीति का नया समीकरण तय होगा।